Monday, June 22, 2020

मै गर्भवती हूं......

एक विधवा बहू ने अपनी सास को बताया कि वह तीन माह के गर्भ से है परिवार में हंगामा मच गया समाज में भूचाल आ गया लोगों ने पंचायत जुटाई और उस बहू से बच्चे के बाप का नाम जानना चाहा भरी पंचायत में बहुत ने बताया कि तीन माह पूर्व मैं प्रयाग राज त्रिवेणी संगम स्नान करने गई थी स्नान के समय मैंने गंगा का नमन करते हुए तीन बार गंगा जल पिया था हो सकता है उसी समय किसी ऋषि महात्मा महापुरुष का गंगा में वीर्य स्खलन हो गया और उसी के साथ मैं पी गयी, उसी से मैं गर्भवती हो गई,सरपंच जी ने कहा यह असंभव है ऐसा कभी हो नहीं सकता कि किसी के वीर्य पी लेने से कोई गर्भवती हो जाय, उस महिला ने सरपंच को जवाब दिया और कहा हमारे धर्म ग्रंथों में यही बात तो दिखाई गई है कि विभँडक रिषी के वीर्य अस्खलन हो जाने से श्रृंगी ऋषि पैदा हुए,हनुमान जी का पसीना मगरमच्छ ने पी लिया वह गर्भवती हुई और मकरध्वज पैदा हुए सूर्य के आशीर्वाद से कुंती गर्भवती हो गई और कर्ण पैदा हुए,म के पेट से मत्स्यगंधा(सत्यवती)पैदा हुई, खीर खाने से राजा दशरथ के तीनों रानियां गर्भवती हई और चार पुत्र पैदा हो गये जमीन के अंदर गड़े हुए घडे से सीता पैदा हुई!ये सारी बातें संभव है किन्तु मेरी बात असंभव है,वैसे मैं बताना चाहती हूं कि मैं गर्भवती नहीं हूं मैंने यह नाटक इसलिए किया था कि इस पाखंडी समाज की आँख खुल जाये, आप लोग ऐसे धर्म पुस्तकों को आग लगा दीजिये जिसमे ऐसी कहानियां लिखी गयी है!आप लोग चाहें तो मेरा मेडिकल परीक्षण कर सकते हैं।

दोस्तों इससे हमें यही सीख मिलती है कि इंसान कितना दोगला है एक तरफ झूठे ग्रंथो पर विश्वास करते हैं उसका भरपूर ज्ञान सभी में बांटते हैं, लेकिन बात अपने निजी जीवन की हो तो ग्रंथ, पुराणों की सारी बातों को भूल वैज्ञानिक चेतना दिखाते हैं..

मै गर्भवती हूं......

एक विधवा बहू ने अपनी सास को बताया कि वह तीन माह के गर्भ से है परिवार में हंगामा मच गया समाज में भूचाल आ गया लोगों ने पंचायत जुटाई और उस बहू...